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[MISSION 2022] सिक्योर 2022: दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 8 जून 2022

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

MISSION – 2022: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन– I


 

विषय: भारतीय संस्कृति, जिसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

  1. चोल काल में हिंदू प्रतिमा-विद्या पर विशेष बल देने के साथ-साथ मूर्तियों एवं कांस्य कार्यों में उल्लेखनीय विकास हुआ। ये एक शास्त्रीय लावण्य, भव्यता एवं रूचि का चित्रण करते हैं। चर्चा कीजिए (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: सरल

सन्दर्भ: Indian Express , Insights on India

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

चोल कला एवं स्थापत्य की भव्यता का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

चोल मूर्तिकला का वर्णन कीजिए। इसे सोदाहरण समझाइए।

एक उत्कृष्ट लावण्य, भव्यता एवं रूचि को दर्शाने वाली मूर्तिकला की समग्र प्रकृति के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

उपर्युक्त को सारांशित करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– II


 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय। 

  1. भारत को एक गहरी भागीदारी वाले लोकतंत्र में रूपांतरित करने के लिए भारत को एक सशक्त पूर्व-विधायी परामर्शदात्री नीति की आवश्यकता है, जो विधायी कार्रवाई की वैधता एवं विश्वसनीयता को मजबूत करे तथा जवाबदेही की सुविधा प्रदान करे। परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम

सन्दर्भ: Live Mint

 निर्देशक शब्द: 

परीक्षण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

पूर्व-विधायी परामर्शदात्री नीति के उद्देश्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए। 

विषय वस्तु:

2014 में प्रस्तावित पूर्व-विधायी परामर्शदात्री नीति में शामिल प्रक्रिया का उल्लेख कीजिए।

पारदर्शिता में वृद्धि करने एवं विवाद के मुद्दों पर आम सहमति बनाने, किसी भी अनदेखी को सुधारने आदि में नीति के महत्व पर प्रकाश डालिए।

उपर्युक्त को सोदाहरण सिद्ध कीजिए।

नीति के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका। 

  1. देश के सिविल सेवा पारितंत्र को एक ऐसे संयोजन की ओर बढ़ना चाहिए, जो प्रदर्शन को पुरस्कृत करता है, जवाबदेही में वृद्धि करता है तथा सिविल सेवकों द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग पर रोक लगाता है। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम             

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द: 

समझाइए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

देश की सिविल सेवाओं एवं भारत के प्रशासन में उनकी भूमिका का संदर्भ प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

देश के सिविल सेवा पारितंत्र में शामिल विभिन्न समस्याओं का उल्लेख कीजिए।

वर्तमान समय में इसमें आवश्यक सुधारों का वर्णन कीजिए।

इस संबंध में विभिन्न समितियों के सुझावों पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– III


 

विषय: निवेश मॉडल।

  1. बुनियादी ढाँचा विकास एवं आर्थिक प्रदर्शन से महत्वपूर्ण रूप से सम्बंधित है। बुनियादी ढाँचे में मूल्य सृजन की अग्रणी पहल के रूप में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) की भूमिका का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ: Insights on India

निर्देशक शब्द: 

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) के लक्ष्य एवं उद्देश्यों का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की विभिन्न विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन से सरकार को होने वाले संभावित लाभों का वर्णन कीजिए।

नवीन प्रस्तावित राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की संभावित चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन।

  1. जैसे-जैसे मानवीय गतिविधियों में वृद्धि हुई एवं बड़े पैमाने पर विकास हुआ, वन्यजीव एवं पारिस्थितिकी तंत्र इससे प्रभावित हुए। विश्लेषण कीजिए। क्या आपको लगता है कि पर्यावरणीय उद्देश्यों को विकासात्मक उद्देश्यों की तुलना में गौण होना चाहिए? (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

सन्दर्भ:  The Hindu Insights on India

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिए। 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

विकास एवं पारिस्थितिक संरक्षण के मध्य अंतर्विरोध का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत कीजिए। 

विषय वस्तु:

विकासात्मक गतिविधियों से वन्यजीव एवं पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उत्पन्न खतरों का उल्लेख कीजिए।

विकासात्मक एवं साथ ही पर्यावरणीय उद्देश्यों दोनों को संतुलित करने की आवश्यकता पर  चर्चा कीजिए।

सम्बंधित मुद्दों के संभावित समाधानों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित मुद्दे। 

  1. बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं? भारत में बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रशासन में शामिल विभिन्न मुद्दों की जाँच कीजिए एवं देश में एक संपन्न बौद्धिक संपदा अधिकार व्यवस्था के लिए आवश्यक सुधारों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द) 

प्रश्न का स्तर: कठिन

सन्दर्भ: The Hindu , Insights on India 

निर्देशक शब्द:

जाँच कीजिए- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:

बौद्धिक संपदा अधिकार को परिभाषित कीजिए एवं इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

विभिन्न प्रकार के बौद्धिक संपदा अधिकारों पर चर्चा कीजिए।

बौद्धिक संपदा अधिकार प्रशासन में शामिल विभिन्न मुद्दों के बारे में लिखिए।

सम्बंधित आवश्यक सुधारों का उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन– IV


 

विषय: मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों एवं प्रशासकों के जीवन एवं उपदेशों से प्राप्त शिक्षा। 

  1. निम्नलिखित उद्धरण से आपका क्या तात्पर्य है? (150 शब्द) 

“प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों के लिए समान स्वतंत्रता के साथ सुसंगत सबसे व्यापक बुनियादी स्वतंत्रता का समान अधिकार प्राप्त होना चाहिए।” जॉन रॉल्स 

प्रश्न का स्तर: मध्यम 

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

उद्धरण के शाब्दिक अर्थ की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। 

विषय वस्तु:

स्वतंत्रता एवं सभी के लिए समान स्वतंत्रता का महत्व स्पष्ट कीजिए।

दुनिया भर से ऐसे उदाहरण प्रस्तुत कीजिए, जहाँ स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया है।

इसके प्रभाव एवं स्वतंत्रता की आवश्यकता के बारे में लिखिए।

निष्कर्ष:

वर्तमान समय में उद्धरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।