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[इनसाइट्स सिक्योर STHIR – 2021] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 21 जनवरी 2021

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. 1857 के महान विद्रोह की शुरुआत करने वाले सिपाहियों के बीच चल रहे असंतोष के कारणों पर चर्चा कीजिए। क्या 1857 का विद्रोह महज एक सिपाही विद्रोह था? (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

1857 के महान विद्रोह की शुरुआत करने वाले सिपाहियों के विद्रोह को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सिपाहियों में असंतोष पैदा करने वाले विभिन्न कारकों का उल्लेख कीजिए।

कुछ ब्रिटिश इतिहासकार एवं समकालीन अधिकारियों ने 1857 के विद्रोह को महज एक सिपाही विद्रोह क्यों कहा है? समझाइए। तर्क दीजिए कि यह महज एक विद्रोह से कहीं अधिक था।

यह विद्रोह एक लोकप्रिय विद्रोह कैसे था? अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।  

निष्कर्ष:

विभिन्न विचारों के प्रसार में विद्रोह की समग्र प्रकृति पर टिप्पणी करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

 2. अंग्रेजों द्वारा प्रारम्भ की गई प्रशासनिक एवं कानूनी प्रणाली को विभिन्न विचारों तथा विचारधाराओं द्वारा आकार दिया गया था, लेकिन साथ ही यह ब्रिटिश हितों की रक्षा पर केंद्रित थी। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारत का स्वतंत्रता संघर्ष: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

औपनिवेशिक सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए विभिन्न प्रशासनिक सुधारों का संक्षेप में उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में सुधारों की शुरूआत को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों एवं शक्तियों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

सुधारों को प्रारम्भ करने के कारणों का विश्लेषण कीजिए। उदाहरणों के साथ अपने बिंदुओं को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

भारत में सुधारों को प्रारम्भ करने के उद्देश्य के बारे में एक संतुलित निर्णय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

3. अब समय आ गया है कि परिवार के लिए जो कार्य महिलाएं करती हैं, उन्हें विवाह की निरंतरता के दौरान पुरुषों के द्वारा किये गए काम के समान ही महत्व दिया जाना चाहिए। क्या आपको लगता है कि महिलाओं को उनके द्वारा किए जाने वाले घरेलू काम के लिए ‘वेतन’ दिया जाना चाहिए? विचार विमर्श कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महिलाओं द्वारा दैनिक आधार पर प्रदान की जाने वाली विभिन्न प्रकार की घरेलू सेवाओं की प्रकृति का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। समझाइए कि ये सेवाएं अवैतनिक हैं एवं इन्हें राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाता है।

 विषय वस्तु:   

घर के कार्यों की अवैतनिक प्रकृति से संबंधित कुछ प्रमुख आंकड़े एवं बिना किसी मान्यता के इन कार्यों में संलग्न महिलाओं की संख्या का उल्लेख कीजिए।

घरेलू गृहस्थी के कार्यों के लिए महिलाओं को वेतन दिए जाने के मामले पर चर्चा कीजिए।

अपने उत्तर की पुष्टि करने के लिए संदर्भित लेख में शामिल कानूनी मामले, तथ्य एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोणों का उल्लेख कीजिए।

यदि हम महिलाओं के घरेलू काम को शुद्ध कर्मचारी-नियोक्ता संबंध में ‘वेतन’ के रूप में मान्यता देते हैं तो इसके क्या नकारात्मक पक्ष होंगे? समझाइए।

निष्कर्ष:

एक संतुलित आगे की राह का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

4. अनेक राज्य विशेष रूप से ग्रामीण एवं छोटे विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति प्रदान करने में सक्षम नहीं हैं। उपभोक्ता-केंद्रित नियमों के लागू होने से उपभोक्ताओं के अधिकारों को महत्त्व दिया जायेगा। इस संबंध में, नवीन प्रख्यापित “विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020” का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu , pib.gov.in

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

“विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020” के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

भारत में विद्युत क्षेत्र के उपभोक्ता पक्ष के मुद्दों का संक्षेप में उल्लेख कीजिए।

उपरोक्त के आलोक में “विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम, 2020” का उल्लेख कीजिए एवं समझाइए कि ये नियम उपरोक्त मुद्दों को कैसे संबोधित करते हैं।

इन नियमों के पक्ष एवं विपक्ष दोनों का विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5. जलवायु परिवर्तन से प्रेरित कारकों के कारण भारतीय कृषि धीरे-धीरे अधिक खतरनाक होती जा रही है, जिसके कारण भूमि जोत के आकार में स्थिर संकुचन के साथ-साथ किसानों की जोखिम वहन क्षमता का पतन हो रहा है। अतः किसान-हितैषी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) उनके लिए एक वरदान सिद्ध होगी। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Business – Standard 

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के उद्देश्यों एवं फरवरी 2020 में इसमें किये गए हालिया परिवर्तनों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

पीएमएफबीवाई में किये गए हालिया परिवर्तनों से सम्बद्ध विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।

पीएमएफबीवाई की उन अपर्याप्तताओं पर प्रकाश डालिए, जिसने कृषकों को लाभान्वित नहीं किया है।

पीएमएफबीवाई को अधिक किसान हितैषी बनाने के लिए आवश्यक कदमों का सुझाव दीजिए, जो आपदा से संबंधित फसल क्षति के मामले में किसानों को समग्र रूप से कवर करने में सहायता करेंगे।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।

 6. संघर्ष, तर्क एवं परिवर्तन हमारे जीवन के साथ-साथ प्रत्येक एजेंसी, संगठन और राष्ट्र के जीवन के भी प्राकृतिक भाग हैं। संघर्ष समाधान में भावनात्मक बुद्धिमत्ता कैसे सहायक है? (150 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ऊपर दिए गए कथन के आलोक में संघर्ष समाधान को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

दैनिक आधार पर होने वाले संघर्षों एवं तर्कों तथा उनकी प्रकृति के बारे में संक्षेप में उल्लेख कीजिए। उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

संघर्ष के समाधान की प्रक्रिया में भावनात्मक बुद्धिमत्ता कैसे सहायक है, समझाइये। आत्म-जागरूकता, स्व-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता एवं संबंध प्रबंधन तथा समाधान प्रक्रिया में उनकी भूमिका के बारे में चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

भावनात्मक बुद्धिमत्ता का उपयोग करके एक समानुभूतिपूर्ण एवं उत्पादक तरीके से संघर्ष के समाधान के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

 7. सिविल सेवकों को न केवल उनकी शक्ति के उदाहरण से बल्कि उनके उदाहरण की शक्ति से आगे बढ़ना चाहिए। विस्तार से समझाइए। (150 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न में दिए गए कथन को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

सिविल सेवक इसका उपयोग अपने अधीनस्थों एवं लोगों का नेतृत्व करने तथा उन्हें नियंत्रित करने के लिए करते हैं। ऐसी व्यवस्था की कमियों का सोदाहरण उल्लेख कीजिए।

समझाइए कि उदाहरण के द्वारा नेतृत्व करना अपने आप में न केवल एक शक्ति है, बल्कि अन्य द्वारा अनुसरण करने योग्य एक प्रेरणा भी है। यह शासन में आपके प्रयासों का पूरक होगा और विश्वसनीयता का निर्माण करेगा। उदाहरण सहित समझाइए।

निष्कर्ष:

उपरोक्त कथन के महत्व को संक्षेप में समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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