Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 10 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता। जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. मानव पूंजी में निवेश की कमी से जनसांख्यिकीय लाभांश कैसे प्रभावित होता है? परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: researchgate.net

निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

परिचय:

जनसांख्यिकीय लाभांश को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

जनसांख्यिकीय लाभांश के महत्व को स्पष्ट कीजिए।

मानव पूंजी में निवेश की कमी के साथ इसके सहसंबंध पर चर्चा कीजिए।

इस सन्दर्भ में उदाहरण दीजिए एवं अपनी राय प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

सामान्य रूप से अर्थव्यवस्था और समाज के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

2. प्राधिकार के प्रत्यायोजन से सम्बद्ध समस्याओं का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। प्रभावी प्रत्यायोजन के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों का सुझाव दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत / भारतीय शासन: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्राधिकार के प्रत्यायोजन को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके अंतर्निहित सिद्धांतों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए। इससे संबंद्ध समस्याओं का मूल्यांकन भी कीजिए।

इनमें से प्रत्येक समस्या पर उपयुक्त उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिए एवं उन्हें संबोधित करने के लिए समाधान भी सुझाइए।

निष्कर्ष:

प्राधिकार के प्रभावी प्रत्यायोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

3. कार्बन तटस्थता की अवधारणा पर चर्चा कीजिए। इसका महत्व समझाइए। भारत जैसे विकासशील देश के लिए इस प्रकार के सिद्धांत की व्यवहार्यता का भी मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम कार्बन तटस्थता को परिभाषित कीजिए।

विषय वस्तु:   

कार्बन तटस्थता क्यों महत्वपूर्ण है? स्पष्ट कीजिए।

कार्बन तटस्थता कैसे प्राप्त की जा सकती है? समझाइए।

भारत के लिए इसकी व्यवहार्यता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. भारत के हिमालयी क्षेत्र के धारणीय विकास के लिए पर्वत-विशिष्ट लक्षित नीतियों की आवश्यकता पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इन पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्रों के महत्व का वर्णन करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

इन पर्वतों को विशिष्ट लक्षित नीतियों की आवश्यकता क्यों है? चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5.  भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में कृषि विकास की प्रासंगिकता का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था: दत्त एवं सुंदरम

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय अर्थव्यवस्था प्राथमिक रूप से एक कृषि चालित अर्थव्यवस्था क्यों रही है? इसकी व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उत्तर में केवल कृषि विकास के महत्व पर ही नहीं बल्कि कृषि विकास के कारक एवं इसके विकास की प्रासंगिकता पर भी विशेष बल दीजिए।

इनके परस्पर अन्तर्सम्बन्धों को दर्शाइए।

कृषि में वृद्धि से अर्थव्यवस्था के विकास का वादा कैसे और क्यों किया जा सकता है? स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. युद्ध को अंतिम उपाय के रूप में अपनाने के स्थान पर प्रथम विकल्प क्यों नहीं माना जाता है? कारण बताइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: bbc.co.uk

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

युद्ध, इसके सामान्य कारण एवं इसमें शामिल नैतिक आयामों को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषय वस्तु:

समझाइए कि युद्ध को प्रथम विकल्प के रूप में क्यों नहीं अपनाया जाता है बल्कि इसके स्थान पर इसे अंतिम उपाय के रूप में क्यों अपनाया जाता है।

युद्ध नैतिकता की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

उदहारण की सहायता से उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

भारतीय संदर्भ में उपर्युक्त को समझाइये।

निष्कर्ष:

यह समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए कि भारत ने विश्व को बुद्ध (शांति) दिया है, युद्ध नहीं। भारतीय मूल्य एक दूसरे के लिए शांति, सद्भाव और सम्मान को बढ़ावा देते हैं। इससे स्पष्ट है कि भारत ने कभी भी किसी देश पर युद्ध आरोपित नहीं किया है।

  

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. प्रशासनिक न्याय की खोज में एक लोक सेवक के लिए गांधीजी के तिलिस्म के महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गांधीजी के तिलिस्म के बारे में संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सार्वजनिक सेवाओं में यह सिद्धांत किस प्रकार लागू होता है? स्पष्ट कीजिए।

उपर्युक्त के पुष्टिकरण के लिए वास्तविक जीवन के उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

सम्पूर्ण विश्व के लिए तिलिस्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos