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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 25 सितम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. सिक्के, भारत के अतीत के पुनर्निर्माण के एक बहुमूल्य स्रोत हैं। प्राचीन भारत के उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: कला एवं संस्कृति: नितिन सिंघानिया

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संक्षेप में यह समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि भारत के अतीत के पुनर्निर्माण में सिक्के कैसे एक बहुमूल्य भूमिका निभाते हैं।

 विषय वस्तु:

विस्तार से समझाइये कि सिक्के, प्राचीन भारत के विभिन्न घटकों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

प्राचीन भारतीय युग के सिक्कों द्वारा प्रदान की गई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी जानकारी को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत कीजिए।

आपके उत्तर को प्रमाणित करने के लिए प्रासंगिक उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

 इतिहास के स्रोत के रूप में सिक्कों की कुछ सीमाओं पर भी प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

सम्पूर्ण उत्तर का सार प्रस्तुत कीजिए कि सिक्के अतीत का बहुमूल्य भाग कैसे हैं।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

2. वर्तमान में चल रही COVID-19 महामारी के दौरान धरातलीय वास्तविकताओं ने स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश में वृद्धि करने की आवश्यकता को दर्शाया है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

देश में कोविड-19 महामारी की दशाओं को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

देश में स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों की वास्तविकताओं पर प्रकाश डालते हुए इनमें निवेश की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा उठाये गए कदमों पर भी प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

इस स्थिति में सुधार करने के लिए आवश्यक उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

3. न्यूनतम समर्थन मूल्य के मूलतत्त्वों पर चर्चा कीजिए एवं समझाइये कि क्या यह भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक है? हाल ही में पारित किये गए कृषि विधेयकों के आलोक में न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था से सम्बंधित चुनौतियों का उल्लेख कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस तथ्य को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कोई वैधानिक समर्थन नहीं देता है।

 विषय वस्तु:

न्यूनतम समर्थन मूल्य को परिभाषित कीजिए।

न्यूनतम समर्थन मूल्य के प्रमुख उद्देश्यों पर चर्चा कीजिए, इससे सम्बंधित चुनौतियों पर भी प्रकाश डालिए।

हाल ही में प्रस्तावित और पारित कृषि विधेयकों से सम्बंधित चुनौतियों एवं चिंताओं पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

उचित और संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए एवं उपयुक्त समाधान सुझाइये।

 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

4. इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं बाजार बुद्धिमत्ता के अभाव में भारतीय कृषकों के लिए बाजार भागीदारी व्यर्थ है, क्या प्रत्येक भारतीय किसान को स्मार्टफोन मिलना चाहिए? प्रौद्योगिकी द्वारा निभाई जा सकने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए, जिसके अभाव में सभी कृषि सुधार, सफलता की तुलना में विफलता अधिक है। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Live Mint 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय कृषि के परिदृश्य पर संक्षेप में चर्चा कीजिए; कृषकों एवं कृषि बाजारों की स्थिति पर प्रकाश डालिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि हालिया सुधार किसानों की उपज के लिए खरीदारों की उपलब्धता बढ़ाने और लाइसेंस और स्टॉक सीमा पर मौजूदा प्रतिबंधों को कम करके किसानों को फसलों में विविधता लाने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।

कृषि विधेयक के उद्देश्यों को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक किसान को तकनीक और सूचना की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कृषि को आज तीव्रता से तकनीकी प्रसार की आवश्यकता है और यह अत्यावश्यक है कि सरकार और निजी क्षेत्र इसे वित्तपोषित करें। यह स्पष्ट है कि डिजिटलीकरण की दिशा में निवेश कृषि उत्पादकता में उत्कृष्ट सुधार लाएगा।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

5. “पारदर्शिता केवल एक लोकतांत्रिक राजनीति को बनाए रखने के लिए ही आवश्यक नहीं है, यह अर्थव्यवस्था के कार्यों के लिए भी आवश्यक है।” गोपनीयता की संस्कृति को बढ़ावा देने एवं सूचना का अधिकार जैसे कानूनों को दुर्बल बनाने सम्बन्धी सरकार द्वारा उठाये गए हालिया कदमों के संदर्भ में उपर्युक्त कथन का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

किसी देश के लिए पारदर्शिता के महत्व को सामान्य रूप में दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

सरकार द्वारा उठाये गए हालिया कदमों के आलोक में पारदर्शिता की स्थिति पर प्रकाश डालिए।

शासन में पारदर्शिता की कमी एवं इसके दुष्प्रभावों पर चर्चा कीजिए।

उपयुक्त उदाहरणों और प्रासंगिक तथ्यों के साथ अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. मिल के “हानि सिद्धांत” की अवधारणा पर चर्चा कीजिए। समकालीन समय में इसकी प्रयोज्यता पर भी चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय: जे. एस. मिल द्वारा प्रतिपादित “हानि सिद्धांत” को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु: इस अवधारणा के सार को अपने शब्दों में स्पष्ट करते हुए इसके महत्त्व को भी समझाइये।

समझाइए कि कैसे यह सिद्धांत आज भी कुछ परिस्थितियों में प्रासंगिक हो सकता है।

अपने उत्तर के समर्थन में उदाहरण / केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष: इसके महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

7. शासन में नैतिकता से आप क्या समझते हैं? इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक शासन को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

शासन में नैतिकता की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए इसके उद्देश्यों पर भी प्रकाश डालिये। 

इसके महत्व का विस्तार से वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि नैतिक प्रशासन एक सतत ध्यानकेंद्रण है, जो प्रशासन से प्रारम्भ होकर सभी नागरिकों तक विस्तृत होता है। पारदर्शिता और सिद्ध नैतिकता के माध्यम से लोग उन लोगों का विश्वास अर्जित करने की कोशिश करेंगे, जिनके साथ वे साझेदारी करते हैं, स्थायी सेवा संबंधों को बनाए रखते हैं और लंबी अवधि में व्यापार को सशक्त करते हैं।


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